Kavi Kumar Ashok - प्रेरणा के पंख

Kavi Kumar Ashok is a young Indian poet and writer. This Blog is dedicated to him and his Literary work. He is Honored with "Vishwas Trophy Award in 2005.

गुलज़ार साहब की याद दिलाती है यह कविता


Kavi Kumar Ashok
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खुद को इंसा कहते कहते थक जाता हूँ


Kavi Kumar Ashok
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तेरी यादों की बरसात

तेरी यादों की बरसात

A tribute to great poet Gopal das Niraj ji by Kavi Kumar Ashok
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कवितायेँ -

  • सुबह-सुबह चिड़िया उठकर
    सुबह - सुबह चिड़िया उठकर जब मीठे गीत सुनाती है , नन्हीं कोमल प्यारी कलियाँ जब झुरमुट से मुस्कातीं हैं। जब शीतल मंद ...
  • नहर
    खेतों के आलिंगन मेड़ों का चुम्बन, ऊसर के लांक्षन  सहती है नहर, खेतों के बीच से  बहती है नहर ..  खेतों को देती है अपना वो तन मन, फसलों पर न्यो...
  • जीवन की परिभाषा
    तुम जीने की हो अभिलाषा , तुम हो जीवन की परिभाषा । तुम प्राण हो तुम श्वास हो , तुम आस्था विश्वाश हो । तुम हो मेरी ...
  • मैंने अक्सर देखा है
    तकदीर के रंगमंच पर किसी की    “ प्रेरणा ” को कहानी बनकर पन्नों पर उतरते हुए , शब्दों कि तलाश में हर मोंड से गुजरते हुए ! क...
  • प्रेम
    कवि कु मार अशोक  यदि सच्चा है तो प्रेम बहता है आँखों से, यदि विश्वाश पूर्ण है तो प्रेम कहता है आँखों से, यदि निश्छल हो तो प्रेम होता है आ...
  • कितनी बार समझाया
    कितनी बार समझाया कि . . . वहाँ मत जाया करो वहाँ किसी की बेवफाई है और मेरी तनहाई है उन दीवारों से मत पूछना वो त...
  • नारी की लाज
    चाँद सा चमकता चेहरा आज क्यों है मौन सा ? माँग से है जो मिटा रंग था वो कौन सा ? वो प्रीत था या प्राण था वो वज्र था या बाण था ? उसका भी रंग ला...
  • पुच्छल तारा
    वह पुच्छल तारा आसमान का टूटा सा , वह टहनी अपने ही तरुवर से छूटा सा ! वह ओस की बूंदों जैसा पत्तों पर बैठा , वह ज...
  • मेरी कलम
    मेरी कलम कभी - कभी हठ करती है सच लिखने का पर मैं अक्सर उसे फुसला लेता हूँ ‘ नीले ’ की जगह चुपके से ‘ काली ’ दवात भर देता हूँ -...
  • जीवन के संघर्ष की बेबस कहानी ~ आप रो पड़ेंगे यह कविता सुनकर
     

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