कितनी बार समझाया


मर्यादा की पूस से बना छज्जा
सिसक रहा है
     न्याय का फर्स भी
अब खिसक रहा है
ठेका मिला जिनको नीड़ के निर्माण का
उन्होंने ही दगा दिया
ईमानदारी की ईंटों पर

भ्रष्टाचार का प्लास्टर लगा दिया